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कक्षा 9 विज्ञान अभ्यास के प्रश्न के हल (Sound Waves: Characteristics and Applications)
AI-written, checked on 28 Oct 2026
Shishya के लिखे, जाँचे हुए हल — बोर्ड के आधिकारिक उत्तर नहीं
मशीन अनुवाद · Machine-translated on 27 Oct 2026
ये हल Shishya ने अंग्रेज़ी में लिखे हैं और AI से हिंदी में अनुवाद किए गए हैं। हर प्रश्न हमारे अपने छोटे शब्दों में है; प्रश्न के सही शब्द और चित्र NCERT की पुस्तक में देखें। कोई शब्द अटपटा लगे तो अंग्रेज़ी हल देखें।
How these were checked: the solutions were drafted with AI and then read and corrected on 28 Oct 2026. Every numerical final answer is recomputed from the question's own numbers by a calculator check that runs before each release; proofs and explanations were read, not machine-checked. The NCERT textbook is the authority — if something here disagrees with it, follow the book.
Hindi: machine-translated from the English solution; each translation was checked to keep every number and every step of the English, and to use NCERT's Hindi terms for the words we check. Wording can still be awkward — the English page is the reference.
किसी चरण के नीचे “क्यों?” दबाएँ और देखें कि उसमें पाठ्यपुस्तक का कौन-सा नियम लगा है — यह Shishya की NCERT कक्षा 9-10 नियमों की तय सूची से है, इस पेज के लिए AI से नहीं लिखा गया। जिस चरण में यह नहीं है, उसके लिए सूची में अभी कोई नियम नहीं है।
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इस अध्याय के बारे में AI ट्यूटर से पूछें — वह जवाब से पहले संकेत देता है — या अपने सवाल की फ़ोटो लेकर हल के चरण पाएँ। आप किसी व्यक्ति से नहीं, AI से बात करेंगे। 13 साल और उससे ऊपर के लिए; दोनों का पहला जवाब मुफ़्त है।
अभ्यास प्रश्न 1
कौन-सा निरीक्षण इस बात को सबसे अच्छा समर्थन करता है कि ध्वनि एक यांत्रिक तरंग (mechanical wave) है? (i) यह परावर्तित होती है (ii) इसके लिए एक माध्यम की आवश्यकता होती है (iii) इसकी आवृत्ति होती है (iv) यह ऊर्जा ले जाती है
- अध्याय में यांत्रिक तरंगों को परिभाषित किया गया है, जो प्रसारण के लिए एक भौतिक माध्यम की आवश्यकता होती है।
- इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि ध्वनि तरंगें माध्यम के बिना प्रसारित नहीं हो सकतीं, जिससे यह उनकी परिभाषात्मक विशेषता बन जाती है।
- हालाँकि ध्वनि परावर्तित भी होती है, आवृत्ति भी रखती है और ऊर्जा भी ले जाती है, लेकिन ये गुण विद्युत चुम्बकीय तरंगों (electromagnetic waves) जैसे अन्य प्रकार की तरंगों में भी होते हैं।
- इसलिए, माध्यम की आवश्यकता वह विशिष्ट निरीक्षण है जो ध्वनि को एक यांत्रिक तरंग के रूप में पहचानता है।
उत्तर: (ii)
अभ्यास प्रश्न 2
किसी माध्यम में ध्वनि तरंग की आवृत्ति बढ़ाने से उसकी (i) तरंगदैर्ध्य (ii) गति (iii) प्रति सेकंड संपीडन (compressions) की संख्या (iv) काल अवधि बढ़ जाती है
- आवृत्ति को एक निश्चित बिंदु पर एक सेकंड में होने वाले घनत्व दोलनों या संपीडनों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- चूंकि आवृत्ति गिनती करती है कि तरंग पैटर्न प्रति सेकंड कितनी बार दोहराया जाता है, इसलिए अधिक आवृत्ति का अर्थ है कि हर सेकंड एक बिंदु से अधिक संपीडन गुजरते हैं।
- किसी माध्यम में ध्वनि की गति माध्यम के गुणों पर निर्भर करती है, स्रोत की आवृत्ति पर नहीं, इसलिए गति स्थिर रहती है।
- तरंगदैर्ध्य और काल अवधि आवृत्ति के व्युत्क्रमानुपाती (inversely related) होते हैं, जिसका अर्थ है कि जब आवृत्ति बढ़ती है, तो वे घटते हैं।
उत्तर: (iii)
अभ्यास प्रश्न 3
4 s में 20 संपीडन किसी बिंदु से गुजरते हैं। आवृत्ति क्या होगी? (i) 80 Hz (ii) 5 Hz (iii) 10 Hz (iv) 0.2 Hz
- किसी तरंग की आवृत्ति को प्रति इकाई समय किसी बिंदु से गुजरने वाले दोलनों या संपीडनों की संख्या के रूप में परिभाषित किया जाता है।
- यहाँ, बिंदु से गुजरने वाले संपीडनों की संख्या 20 है।
- इन संपीडनों के गुजरने में लिया गया कुल समय 4 सेकंड है।
- सूत्र 'आवृत्ति = संपीडनों की संख्या ÷ समय' का उपयोग करते हुए, हम मानों को प्रतिस्थापित करते हैं।
- आवृत्ति = 20 ÷ 4।
- भाग देने पर 5 Hz प्राप्त होता है।
उत्तर: (ii) 5 Hz
अभ्यास प्रश्न 4
एक कमरे में, परावर्तित ध्वनि उसके बनने के 0.05 s बाद कान तक पहुँचती है। यह प्रतिध्वनि (echo) है या पुनर्ध्वनि (reverberation)? कारण बताएं।
- हम दो ध्वनियों को अलग-अलग तभी सुनते हैं जब वे हम तक कम से कम 0.1 s के अंतराल पर पहुँचती हैं; यदि अंतर 0.1 s से कम है, तो हम उन्हें अलग नहीं कर सकते।
- यहाँ परावर्तित ध्वनि मूल ध्वनि के केवल 0.05 s बाद आती है, जो 0.1 s से कम है।
- इसलिए इसे एक अलग प्रतिध्वनि के रूप में सुना नहीं जाता; यह मूल ध्वनि के साथ मिल जाती है और उसे लंबे समय तक बनाए रखती है।
- ध्वनि का इसलिए बना रहना, क्योंकि परावर्तन इतनी जल्दी आते हैं कि उन्हें अलग-अलग सुना नहीं जा सकता, पुनर्ध्वनि (reverberation) कहलाता है।
उत्तर: पुनर्ध्वनि (reverberation)
अभ्यास प्रश्न 5
एक ही पैमाने पर दो घनत्व-दूरी ग्राफ (Fig. 10.30): (a) में चौड़े और ऊँचे तरंगें हैं; (b) में संकीर्ण और कम अंतराल वाली तरंगें हैं। कौन सा ग्राफ (i) अधिक तरंगदैर्ध्य (wavelength) और (ii) छोटी आयाम (amplitude) दर्शाता है?
यह प्रश्न NCERT पुस्तक के चित्र पर आधारित है — चित्र ऊपर दिए अध्याय में देखें।
- (i) तरंगदैर्ध्य क्रमागत शिखरों (crests) के बीच की दूरी होती है, इसलिए जिस ग्राफ में अंतराल चौड़ा है, उसकी तरंगदैर्ध्य अधिक होती है।
- (i) ग्राफ (a) चौड़ी और ऊँची तरंगें दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि इसके शिखर ग्राफ (b) की तुलना में एक-दूसरे से अधिक दूर हैं।
- (ii) आयाम (amplitude) तरंग की औसत स्थिति से ऊँचाई होती है, इसलिए जिस ग्राफ में शिखर कम ऊँचे हैं, उसका आयाम छोटा होता है।
- (ii) ग्राफ (b) संकीर्ण और कम अंतराल वाली तरंगें दर्शाता है, जिसका अर्थ है कि इसके शिखर ग्राफ (a) की तुलना में कम ऊँचे हैं।
उत्तर: (i) (a); (ii) (b)
अभ्यास प्रश्न 6
Fig. 10.31 में तीन तरंगें (हरी, लाल और नीली वक्र) दिखाई गई हैं। A की आवृत्ति (frequency) सबसे अधिक है और C की सबसे कम है: A, B और C को वक्रों से मिलाइए।
यह प्रश्न NCERT पुस्तक के चित्र पर आधारित है — चित्र ऊपर दिए अध्याय में देखें।
- (i) आवृत्ति प्रति सेकंड दोलनों (oscillations) की संख्या होती है, इसलिए अधिक आवृत्ति का अर्थ है कि समान समय या दूरी में अधिक तरंगें आती हैं।
- (ii) वक्र A में सघनन (compressions) और विरलन (rarefactions) सबसे अधिक संख्या में और निकटता से पैक किए गए हैं, जो सबसे छोटी तरंगदैर्ध्य और सबसे अधिक आवृत्ति को दर्शाता है।
- (iii) वक्र C में दोलन सबसे कम हैं और शिखरों के बीच का अंतराल सबसे चौड़ा है, जो सबसे लंबी तरंगदैर्ध्य और सबसे कम आवृत्ति को दर्शाता है।
- (iv) वक्र B में दोलनों की संख्या मध्यम है, जिससे इसकी आवृत्ति A और C के बीच होती है।
उत्तर: (i) A सबसे अधिक आवृत्ति वाली हरी वक्र है; (ii) B मध्यम आवृत्ति वाली लाल वक्र है; (iii) C सबसे कम आवृत्ति वाली नीली वक्र है।
अभ्यास प्रश्न 7
घनत्व आयाम (density amplitude) 3 इकाई और तरंगदैर्ध्य (wavelength) 4 cm वाले एक ध्वनि तरंग ग्राफ का चित्र बनाइए।
- x-अक्ष को सेंटीमीटर में दूरी और y-अक्ष को घनत्व (density) दर्शाने के लिए बनाइए।
- औसत घनत्व (average density) को y-अक्ष पर एक क्षैतिज डैश्ड लाइन के रूप में चिह्नित करें।
- आयाम (amplitude) को 3 इकाई पर सेट करें, ताकि औसत घनत्व के सापेक्ष शिखर (crest) +3 पर और गर्त (trough) -3 पर हो।
- तरंगदैर्ध्य को 4 cm पर सेट करें, जिसका अर्थ है कि दो क्रमागत शिखरों या गर्तों के बीच की दूरी 4 cm है।
- 4 cm के अंतराल में औसत घनत्व से शुरू होकर, शिखर तक बढ़ने, गर्त तक गिरने और फिर औसत घनत्व पर लौटने वाला एक सुगम साइनसॉइडल (sinusoidal) वक्र बनाइए।
उत्तर: घनत्व आयाम 3 इकाई और तरंगदैर्ध्य 4 cm वाला एक साइनसॉइडल ग्राफ, जिसमें औसत घनत्व रेखा के ऊपर शिखर और नीचे गर्त दिखाई देते हैं।
अभ्यास प्रश्न 8
एक फिल्म में अंतरिक्ष में एक अंतरिक्ष यान (spacecraft) के विस्फोट का दृश्य दिखाया गया है, जिसमें उसकी चमक (flash) और आवाज़ (bang) एक ही समय पर होती है। इसमें क्या गलती है?
- बाहरी अंतरिक्ष लगभग निर्वात (vacuum) होता है, जहाँ ध्वनि के प्रसार के लिए कोई माध्यम नहीं होता।
- ध्वनि तरंगों के प्रसार के लिए ठोस, द्रव या गैस जैसा कोई माध्यम आवश्यक होता है।
- चूंकि अंतरिक्ष में कोई माध्यम नहीं होता, इसलिए विस्फोट से ऐसी ध्वनि नहीं उत्पन्न हो सकती जिसे सुना जा सके।
- प्रकाश ध्वनि से बहुत तेज़ चलता है और इसके लिए माध्यम की आवश्यकता नहीं होती, इसलिए चमक तुरंत दिखाई देती है।
- यह चित्रण गलत है क्योंकि यह निर्वात में प्रकाश के साथ-साथ ध्वनि के एक साथ होने का प्रदर्शन करता है।
उत्तर: गलती यह है कि अंतरिक्ष के निर्वात में ध्वनि प्रसारित नहीं हो सकती, इसलिए विस्फोट मौन रहता है जबकि प्रकाश की चमक दिखाई देती है।
अभ्यास प्रश्न 9
3.44 m तरंगदैर्ध्य वाली ध्वनि 344 m s⁻¹ की गति से यात्रा करती है। इसका कालावधि (time period) ज्ञात कीजिए।
- गति, तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति के बीच संबंध का सूत्र लिखें: v = f × λ।
- दिए गए मानों को सूत्र में प्रतिस्थापित करें: 344 = f × 3.44।
- आवृत्ति f के लिए हल करें: f = 344 ÷ 3.44।
- आवृत्ति की गणना करें: f = 100 Hz।
- कालावधि का सूत्र लिखें: T = 1/f।
- आवृत्ति को सूत्र में प्रतिस्थापित करें: T = 1/100।
- कालावधि की गणना करें: T = 0.01 s।
उत्तर: 0.01 s
अभ्यास प्रश्न 10
एक जहाज के सोनार का प्रतिध्वनि (echo) 5 s के बाद लौटता है। समुद्री जल में अल्ट्रासाउंड की गति 1525 m s⁻¹ है। डूबा हुआ जहाज (wreck) लगभग कितनी गहराई पर है?
- प्रतिध्वनि के डूबे हुए जहाज तक पहुँचने और वापस आने में कुल समय 5 s है।
- केवल डूबे हुए जहाज तक पहुँचने में लगाया गया समय कुल समय का आधा होता है, यानी 5 ÷ 2 = 2.5 s।
- समुद्री जल में अल्ट्रासाउंड की गति 1525 m s⁻¹ दी गई है।
- डूबे हुए जहाज की गहराई की गणना गति को एक तरफा समय से गुणा करके की जाती है: 1525 × 2.5।
- गणना से 3812.5 m प्राप्त होता है।
उत्तर: 3812.5 m
अभ्यास प्रश्न 11
एक कार का पार्किंग सेंसर (लगभग 40 kHz) किसी बाधा से 1.2 m की दूरी पर बीप करना शुरू करता है। हवा में अल्ट्रासाउंड की गति 345 m s⁻¹ है, तो तरंग को बाधा तक पहुँचने और वापस आने में कितना समय लगता है?
- ध्वनि तरंग द्वारा तय की गई कुल दूरी बाधा तक की दूरी का दोगुना होती है।
- कुल दूरी = 2 × 1.2 m = 2.4 m।
- समय की गणना कुल दूरी को ध्वनि की गति से भाग कर की जाती है।
- समय = 2.4 m ÷ 345 m s⁻¹।
- समय ≈ 0.0069565 s।
- तीन सार्थक अंकों (significant figures) तक पूर्णांकित करने पर 0.007 s प्राप्त होता है।
उत्तर: 0.007 s
अभ्यास प्रश्न 12
ध्वनि 0 °C पर लगभग 331 m s⁻¹ और 22 °C पर 344 m s⁻¹ की गति से यात्रा करती है। यदि वायु का तापमान 22 °C से 0 °C तक गिर जाता है, तो 1720 m की दूरी तय करने में गर्जना (thunder) को लगभग कितना अधिक समय लगेगा?
- 22 °C पर लिया गया समय 1720 ÷ 344 = 5 s है।
- 0 °C पर लिया गया समय 1720 ÷ 331 s है।
- अतिरिक्त समय (1720 ÷ 331) − 5 = (1720 − 5 × 331) ÷ 331 = 65/331 s है।
- यह लगभग 0.196 s है।
उत्तर: 65/331 s या 0.196 s
अभ्यास प्रश्न 13
एक ध्वनि तरंग 340 m s⁻¹ की गति से चलती है; चित्र 10.32 में दो पूर्ण तरंगदैर्ध्य 8 cm की दूरी में फैली हैं। इसकी तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति ज्ञात करें।
यह प्रश्न NCERT पुस्तक के चित्र पर आधारित है — चित्र ऊपर दिए अध्याय में देखें।
- दो पूर्ण तरंगदैर्ध्य 8 cm की दूरी में फैली हैं।
- दूरी को मीटर में बदलें: 8 cm = 0.08 m।
- चूँकि दो तरंगदैर्ध्य 0.08 m के बराबर हैं, इसलिए एक तरंगदैर्ध्य 0.08 m ÷ 2 होगी।
- तरंगदैर्ध्य 0.04 m है।
- तरंग गति के सूत्र का उपयोग करें: गति = आवृत्ति × तरंगदैर्ध्य।
- आवृत्ति ज्ञात करने के लिए सूत्र को पुनर्व्यवस्थित करें: आवृत्ति = गति ÷ तरंगदैर्ध्य।
- मान रखें: आवृत्ति = 340 m/s ÷ 0.04 m।
- आवृत्ति 8500 Hz है।
उत्तर: तरंगदैर्ध्य = 0.04 m; आवृत्ति = 8500 Hz
अभ्यास प्रश्न 14
तरंग A और B दोनों 345 m s⁻¹ की गति से चलती हैं; चित्र 10.33 में A की एक तरंगदैर्ध्य 2.5 cm में फैली है और B की एक तरंगदैर्ध्य 5.0 cm में फैली है। प्रत्येक की तरंगदैर्ध्य और आवृत्ति ज्ञात करें।
यह प्रश्न NCERT पुस्तक के चित्र पर आधारित है — चित्र ऊपर दिए अध्याय में देखें।
- तरंग A की तरंगदैर्ध्य 2.5 cm दी गई है।
- 2.5 cm को मीटर में बदलें: 2.5 ÷ 100 = 0.025 m।
- तरंग B की तरंगदैर्ध्य 5.0 cm दी गई है।
- 5.0 cm को मीटर में बदलें: 5.0 ÷ 100 = 0.05 m।
- आवृत्ति ज्ञात करने के लिए सूत्र v = f × λ का उपयोग करें, इसलिए f = v ÷ λ।
- तरंग A की आवृत्ति 345 ÷ 0.025 = 13800 Hz है।
- तरंग B की आवृत्ति 345 ÷ 0.05 = 6900 Hz है।
उत्तर: A की तरंगदैर्ध्य 0.025 m और आवृत्ति 13800 Hz है; B की तरंगदैर्ध्य 0.05 m और आवृत्ति 6900 Hz है।
अभ्यास प्रश्न 15
A (वायु में) और B (पानी के नीचे) पर स्थित समान स्रोत ध्वनि को एक चट्टान तक और वापस समान क्षैतिज दूरी तक भेजते हैं; ध्वनि को A तक वापस आने में B तक वापस आने की तुलना में 4.5 गुना अधिक समय लगता है। वायु में ध्वनि की गति और पानी में ध्वनि की गति का अनुपात ज्ञात करें।
यह प्रश्न NCERT पुस्तक के चित्र पर आधारित है — चित्र ऊपर दिए अध्याय में देखें।
- मान लीजिए चट्टान तक की क्षैतिज दूरी d है, इसलिए दोनों स्रोतों के लिए कुल पथ की लंबाई 2d है।
- मान लीजिए वायु में ध्वनि की गति v_air और पानी में v_water है।
- वायु में ध्वनि को चट्टान तक जाकर वापस आने में लगा समय t_air = 2d / v_air है।
- पानी में ध्वनि को चट्टान तक जाकर वापस आने में लगा समय t_water = 2d / v_water है।
- प्रश्न के अनुसार, वायु में लगा समय पानी में लगे समय का 4.5 गुना है, इसलिए t_air = 4.5 × t_water।
- समय के व्यंजकों को प्रतिस्थापित करने पर 2d / v_air = 4.5 × (2d / v_water) प्राप्त होता है।
- दोनों पक्षों से 2d को रद्द करने पर 1 / v_air = 4.5 / v_water प्राप्त होता है।
- अनुपात v_air / v_water ज्ञात करने के लिए पुनर्व्यवस्थित करने पर v_air / v_water = 1 / 4.5 प्राप्त होता है।
- 4.5 को भिन्न में बदलने पर 4.5 = 9/2 होता है, इसलिए 1 / 4.5 = 2/9।
- अतः, वायु में ध्वनि की गति और पानी में ध्वनि की गति का अनुपात 2:9 है।
उत्तर: 2:9
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