भारतीय साहित्य — RRB NTPC स्टडी नोट्स
अवलोकन
भारतीय साहित्य RRB NTPC में एक मध्यम-स्कोरिंग General Awareness विषय है, जो आमतौर पर प्रति पेपर 1–3 प्रश्न देता है। ये प्रश्न प्रमुख लेखकों, उनके ऐतिहासिक कार्यों, जिन भाषाओं में वे लिखते थे, और Jnanpith तथा Sahitya Akademi Awards जैसे प्रमुख साहित्यिक पुरस्कारों की तथ्यात्मक याद रखने की जांच करते हैं। यह विषय संस्कृत, हिंदी, बंगाली, तमिल, उर्दू, मलयालम, कन्नड़, मराठी, तेलुगु और अन्य भारतीय भाषाओं में शास्त्रीय, मध्यकालीन और आधुनिक साहित्य को शामिल करता है।
परीक्षा के प्रश्न सरल होते हैं: "गीतांजलि किसने लिखी?", "प्रथम Jnanpith Award कौन से लेखक ने जीता?", "देवदास किसका उपन्यास है?" छात्रों को लगभग 30–40 प्रमुख लेखकों, उनके प्रसिद्ध कार्यों और पुरस्कार के इतिहास को याद रखना होगा। तर्क के लिए बहुत कम गुंजाइश है; यह शुद्ध तथ्यात्मक ज्ञान है। Nobel laureates, Jnanpith विजेताओं, और अपने ही राज्य के लेखकों को प्राथमिकता दें, क्योंकि RRB कभी-कभी क्षेत्र-विशिष्ट प्रश्न शामिल करता है। चूँकि पाठ्यक्रम में "प्रमुख भारतीय लेखक, कार्य, भाषाएं और साहित्यिक पुरस्कार" का उल्लेख है, प्रसिद्ध और मुख्य ग्रंथों पर ध्यान दें बजाय अस्पष्ट कवियों या क्षेत्रीय व्यक्तित्वों के।
इस विषय में महारत हासिल करने के लिए व्यवस्थित सूची बनाना और नियमित संशोधन आवश्यक है। एक बार पढ़ना अपर्याप्त है—लेखकों को उनके कार्यों और पुरस्कारों के साथ जोड़ने वाली फ्लैशकार्ड या तालिकाएं बनाएं, फिर साप्ताहिक समीक्षा करें। यह विषय कला और संस्कृति से थोड़ा ओवरलैप करता है, इसलिए साहित्यिक आंदोलनों से जुड़े त्योहारों, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक अवधियों के संदर्भ भी देखें।
मुख्य अवधारणाएं
- भारतीय साहित्य बहुभाषी है: भारत के पास 22 अनुसूचित भाषाएं हैं और प्रत्येक में समृद्ध साहित्यिक परंपराएं हैं। परीक्षाएं प्रमुख भाषाओं पर ध्यान केंद्रित करती हैं—हिंदी, बंगाली, तमिल, उर्दू, कन्नड़, मलयालम, मराठी, तेलुगु, उड़िया, गुजराती, पंजाबी, असमिया और संस्कृत।
- शास्त्रीय बनाम आधुनिक: शास्त्रीय कार्यों में वेद, उपनिषद, रामायण, महाभारत, संगम कविता (तमिल) और कालिदास के नाटक (संस्कृत) शामिल हैं। आधुनिक साहित्य (19वीं सदी के बाद) में क्षेत्रीय भाषाओं और अंग्रेजी में उपन्यास, कहानियां और कविताएं शामिल हैं।
- Jnanpith Award भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है, जो 1965 से भारतीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए सालाना दिया जाता है। विजेताओं में रवीन्द्रनाथ टैगोर (मानद), जी. शंकरा कुरुप (प्रथम, 1965), और अमिताव घोष (2018) शामिल हैं।
- Sahitya Akademi Award प्रति वर्ष Akademi द्वारा मान्यता प्राप्त 24 भाषाओं में से प्रत्येक में सर्वश्रेष्ठ पुस्तक के लिए दिया जाने वाला पुरस्कार है। 1954 में स्थापित, यह Jnanpith से अधिक सामान्य है और परीक्षाओं में परीक्षण के लिए आसान है।
- Nobel Prize in Literature केवल एक भारतीय ने जीता है—रवीन्द्रनाथ टैगोर ने 1913 में "Gitanjali" (Song Offerings) के लिए, जो मूलतः बंगाली में कविताओं का संग्रह है, जिसे बाद में टैगोर ने स्वयं अंग्रेजी में अनुवाद किया।
- Booker Prize (अब Booker Prize और Booker International कहलाता है) भारतीय अंग्रेजी लेखकों द्वारा जीता गया है—अरुंधति राय (1997, "The God of Small Things"), सलमान रुश्दी (1981, "Midnight's Children"), किरण देसाई (2006, "The Inheritance of Loss"), और अरविंद अडिगा (2008, "The White Tiger")।
- क्षेत्रीय भाषा साहित्य जीवंत है। बंगाली पुनर्जागरण ने टैगोर, बंकिम चंद्र, सरत चंद्र को दिया। हिंदी क्षेत्र ने प्रेमचंद, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन दिए। दक्षिण भारत के पास सुब्रमण्यम भारती (तमिल), कुवेम्पु (कन्नड़), थाकाझी (मलयालम), विश्वनाथ सत्यनारायण (तेलुगु) हैं।
- विषय और शैलियां: सामाजिक सुधार, राष्ट्रवाद, विभाजन की त्रासदी, ग्रामीण जीवन, महिलाओं के मुद्दे, ऐतिहासिक महाकाव्य और पौराणिक कथाओं को दोबारा कहना भारतीय साहित्य में प्रभुत्व रखते हैं। शैलियों में कविता, उपन्यास, कहानियां, नाटक, निबंध और भक्ति गीत (भक्ति साहित्य) शामिल हैं।
मुख्य तथ्य
1. रवीन्द्रनाथ टैगोर (बंगाली): Nobel Prize 1913, Jnanpith 1961 (मानद)। कार्य: "Gitanjali", "Gora", "Ghare Baire" (The Home and the World), भारत का राष्ट्रगान ("Jana Gana Mana") और बांग्लादेश का ("Amar Sonar Bangla")। 2. मुंशी प्रेमचंद (हिंदी/उर्दू): आधुनिक हिंदी साहित्य के पिता। उपन्यास: "Godan" (The Gift of a Cow), "Nirmala", "Gaban"। कहानियां: "Idgah", "Kafan" (The Shroud)। कोई प्रमुख पुरस्कार नहीं (1936 में मृत्यु)। 3. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (बंगाली): "Anandamath" (जिसमें "Vande Mataram" है), "Durgeshnandini" लिखा। बंगाली उपन्यास के अग्रदूत। 4. सरत चंद्र चट्टोपाध्याय (बंगाली): "Devdas", "Parineeta", "Srikanta"। अत्यंत लोकप्रिय, फिल्मों में अनुकूलित। 5. महादेवी वर्मा (हिंदी): Chhayavaad आंदोलन की प्रमुख कवयित्री। Jnanpith 1982। कार्य: "Yama" (काव्य), "Ateet Ke Chalchitra" (संस्मरण)। 6. हरिवंश राय बच्चन (हिंदी): "Madhushala" (प्रसिद्ध काव्य संग्रह), "Agneepath"। अभिनेता अमिताभ बच्चन के पिता। 7. आर. के. नारायण (अंग्रेजी): "Malgudi Days" (कहानियां), "Swami and Friends", "The Guide"। कोई Jnanpith नहीं, लेकिन Sahitya Akademi Award। 8. मुल्क राज आनंद (अंग्रेजी): "Coolie", "Untouchable"। सामाजिक यथार्थवादी, निचली जातियों और गरीबी पर केंद्रित। 9. अरुंधति राय (अंग्रेजी): 1997 में Booker Prize "The God of Small Things" के लिए। कार्यकर्ता के रूप में भी प्रसिद्ध। 10. अमिताव घोष (अंग्रेजी): Jnanpith 2018। उपन्यास: "The Shadow Lines", "The Glass Palace", "The Hungry Tide", Ibis Trilogy। 11. विक्रम सेठ (अंग्रेजी): "A Suitable Boy" (अंग्रेजी में सबसे लंबे सिंगल-वॉल्यूम उपन्यासों में से एक)। 12. सलमान रुश्दी (अंग्रेजी): 1981 में Booker ("Midnight's Children"), Booker of Bookers। "The Satanic Verses" विवादास्पद रहा। 13. सुब्रमण्यम भारती (तमिल): तमिल नाडु के राष्ट्रीय कवि। "Kannan Pattu", "Panchali Sapatham"। महिला अधिकार और जाति-विरोधी समर्थक। 14. कुवेम्पु (कन्नड़): कन्नड़ में प्रथम Jnanpith (1967)। महाकाव्य: "Sri Ramayana Darshanam"। कर्नाटक का राज्य गान लिखा। 15. थाकाझी शिवशंकर पिल्लई (मलयालम): Jnanpith 1984। "Chemmeen" (The Shrimp), एक क्लासिक उपन्यास फिल्म में अनुकूलित। 16. एम. टी. वासुदेवन नायर (मलयालम): Jnanpith 1995। "Randamoozham" (The Second Turn, महाभारत को दोबारा कहा गया)। प्रसिद्ध पटकथा लेखक भी। 17. Jnanpith Award: अब तक कुल 58 पुरस्कार (कुछ वर्षों में कई, कुछ में कोई नहीं)। भाषा के अनुसार: हिंदी (11), कन्नड़ (8), बंगाली (6)। 18. भक्ति आंदोलन साहित्य: कबीर (हिंदी दोहे), तुलसीदास ("Ramcharitmanas"), सूरदास (कृष्ण भजन), मीराबाई (भक्ति गीत)।
काम किए हुए उदाहरण
उदाहरण 1: उपन्यास "