HP TET · Language I — Hindi

More Himachal Pradesh government exams →

Ling, Vachan, Kaal and Karak

Gender, number, tense and case forms.

Share with your prep group:WhatsApp

Ling, Vachan, Kaal and Karak

Overview

लिंग, वचन, काल और कारक हिंदी व्याकरण के मूलभूत स्तंभ हैं जो वाक्य रचना की शुद्धता निर्धारित करते हैं। HP TET परीक्षा में ये विषय Language I (Hindi) खंड में सीधे प्रश्नों के रूप में तथा अपठित गद्यांश/पद्यांश में व्याकरण-आधारित प्रश्नों के माध्यम से पूछे जाते हैं।

इन चारों अवधारणाओं की समझ संज्ञा, सर्वनाम और क्रिया के परस्पर संबंध को स्पष्ट करती है। परीक्षा में लिंग परिवर्तन, वचन परिवर्तन, काल परिवर्तन और कारक चिह्नों की पहचान से संबंधित प्रश्न नियमित रूप से आते हैं। शिक्षक पात्रता परीक्षा में इन्हें कक्षा शिक्षण के संदर्भ में भी समझना आवश्यक है।


Key Concepts

लिंग (Gender)

  • परिभाषा: संज्ञा के जिस रूप से स्त्री या पुरुष जाति का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं।
  • प्रकार: हिंदी में दो लिंग — पुल्लिंग (masculine) और स्त्रीलिंग (feminine)।
  • पहचान नियम: शब्द के अंत, अर्थ और प्रयोग से लिंग निर्धारित होता है।

वचन (Number)

  • परिभाषा: संज्ञा के जिस रूप से एक या अनेक का बोध हो, उसे वचन कहते हैं।
  • प्रकार: एकवचन (singular) और बहुवचन (plural)।
  • क्रिया संगति: वचन बदलने पर क्रिया का रूप भी बदलता है।

काल (Tense)

  • परिभाषा: क्रिया के जिस रूप से कार्य के समय का बोध हो, उसे काल कहते हैं।
  • प्रकार: भूतकाल (past), वर्तमान काल (present), भविष्यत् काल (future)।
  • उपभेद: प्रत्येक काल के छह उपभेद — सामान्य, अपूर्ण, पूर्ण, संदिग्ध, आसन्न, हेतुहेतुमद्।

कारक (Case)

  • परिभाषा: संज्ञा या सर्वनाम का क्रिया से संबंध बताने वाले रूप को कारक कहते हैं।
  • संख्या: हिंदी में आठ कारक होते हैं।
  • विभक्ति चिह्न: प्रत्येक कारक का अपना परसर्ग (postposition) होता है।

Formulas / Key Facts

लिंग परिवर्तन के प्रमुख नियम

नियमपुल्लिंग → स्त्रीलिंगउदाहरण
आ → ईलड़का → लड़कीछात्र → छात्रा (अपवाद)
अ → आ/ईदेव → देवीनर → नारी
आनी प्रत्ययसेठ → सेठानीजेठ → जेठानी
इन प्रत्ययमाली → मालिनधोबी → धोबिन
नी प्रत्ययशेर → शेरनीमोर → मोरनी

वचन परिवर्तन के नियम

शब्द का अंतएकवचन → बहुवचनउदाहरण
आकारान्त पुल्लिंगआ → एलड़का → लड़के
आकारान्त स्त्रीलिंगआ → एँलता → लताएँ
इकारान्त/ईकारान्त स्त्रीलिंगई → इयाँलड़की → लड़कियाँ
उकारान्त स्त्रीलिंगउ → उएँवस्तु → वस्तुएँ

काल के प्रकार और उदाहरण

कालउपभेदउदाहरण
भूतकालसामान्यराम ने खाया
अपूर्णराम खा रहा था
पूर्णराम खा चुका था
वर्तमानसामान्यराम खाता है
अपूर्णराम खा रहा है
पूर्णराम खा चुका है
भविष्यत्सामान्यराम खाएगा
संभाव्यशायद राम खाए

आठ कारक और विभक्ति चिह्न

कारकविभक्ति चिह्नप्रश्नउदाहरण
कर्ताने (भूतकाल सकर्मक में)कौन?राम ने फल खाया
कर्मकोकिसको/क्या?राम को बुलाओ
करणसे, द्वाराकिससे/किसके द्वारा?कलम से लिखो
संप्रदानको, के लिएकिसके लिए?गरीबों के लिए दान
अपादानसे (अलग होना)किससे अलग?पेड़ से पत्ता गिरा
संबंधका, के, की, रा, रे, रीकिसका?राम की पुस्तक
अधिकरणमें, परकहाँ/किसमें?मेज पर रखो
संबोधनहे, अरे, ओकिसे पुकारा?हे प्रभु!

Worked Examples

उदाहरण 1: लिंग परिवर्तन

प्रश्न: "नौकर" का स्त्रीलिंग बताइए।

हल:

  • नौकर शब्द में "आनी" प्रत्यय जोड़ते हैं
  • नौकर + आनी = नौकरानी
  • उत्तर: नौकरानी

उदाहरण 2: वचन परिवर्तन

प्रश्न: "कविता" का बहुवचन रूप लिखिए।

हल:

  • कविता आकारान्त स्त्रीलिंग शब्द है
  • नियम: आ → एँ
  • कविता → कविताएँ
  • उत्तर: कविताएँ

उदाहरण 3: काल परिवर्तन

प्रश्न: "बच्चा खेलता है" को भूतकाल में बदलिए।

हल:

  • मूल वाक्य: वर्तमान सामान्य काल
  • भूतकाल सामान्य में: खेलता है → खेला/खेलता था
  • उत्तर: बच्चा खेला। / बच्चा खेलता था।

उदाहरण 4: कारक पहचान

प्रश्न: "मोहन ने श्याम को पुस्तक दी।" — रेखांकित में कारक बताइए।

हल:

  • "श्याम को" — किसके लिए दी? (जिसे कुछ दिया जाए)
  • यह संप्रदान कारक है (receiving end of giving)
  • उत्तर: संप्रदान कारक

Common Mistakes

गलत सोचसही समझ
"को" हमेशा कर्म कारक होता है →"को" संप्रदान कारक भी हो सकता है; देने/भेजने वाले वाक्यों में संप्रदान है
"से" हमेशा करण कारक →अलगाव/निकलने का बोध हो तो अपादान कारक; साधन का बोध हो तो करण कारक
सभी आकारान्त शब्द पुल्लिंग →माता, कविता, लता जैसे शब्द आकारान्त होते हुए भी स्त्रीलिंग हैं
"ने" चिह्न हर वाक्य में कर्ता के साथ →"ने" केवल भूतकाल सकर्मक क्रिया में आता है; अकर्मक में नहीं (राम गया — "ने" नहीं)
वचन बदलने पर केवल संज्ञा बदलती है →क्रिया और विशेषण भी वचन के अनुसार बदलते हैं

Quick Reference

  • लिंग: पुल्लिंग/स्त्रीलिंग — शब्द की जाति बताता है
  • वचन: एकवचन/बहुवचन — संख्या बताता है
  • काल: भूत/वर्तमान/भविष्यत् — समय बताता है
  • कारक: 8 प्रकार — ने, को, से, के लिए, से (अलगाव), का/की/के, में/पर, हे/अरे
  • करण vs अपादान: साधन = करण (चाकू से काटा); अलगाव = अपादान (पेड़ से गिरा)
  • संप्रदान vs कर्म: जिसे दिया जाए = संप्रदान; जिस पर क्रिया का प्रभाव = कर्म

Drafted with AI from Shishya's syllabus outline for this exam · Reviewed by a person: not yet · Report an error

👥 Study this together

Invite your prep group — read the same notes, then discuss doubts in this topic's shared room.

Invite to study

Need more? Ask Shishya

Shishya is your personal tutor for this topic. Pick a starter or open a free chat.

Open Shishya tutor →

Notes generated on 28 Jun 2026