जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण विषय — अध्ययन नोट्स (UPSSSC PET)
अवलोकन
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय मुद्दे UPSSSC PET में सामान्य जागरूकता का एक महत्वपूर्ण घटक हैं। यह विषय अंतर्राष्ट्रीय जलवायु समझौतों, महत्वपूर्ण पर्यावरणीय दिवसों और भारत तथा विश्व स्तर पर प्रमुख संरक्षण पहलों के बारे में आपके ज्ञान का परीक्षण करता है। प्रश्न आमतौर पर शिखर सम्मेलन के स्थानों, मुख्य निर्णयों, पर्यावरणीय दिवसों की तारीखों, संरक्षण परियोजनाओं के उद्देश्यों और वर्तमान पर्यावरणीय नीतियों के बारे में पूछते हैं।
प्रश्न तथ्यात्मक हैं और शिखर सम्मेलन के नाम, वर्ष, मेजबान शहर, पर्यावरणीय दिवसों की तारीखें और विषय, और प्रमुख संरक्षण कार्यक्रमों को याद रखने की परीक्षा लेते हैं। प्रत्येक शिखर सम्मेलन या परियोजना के मूल उद्देश्य को समझना, साथ ही मुख्य तारीखों और स्थानों को याद रखना, आपको आत्मविश्वास से स्कोर करने में मदद करेगा। यह विषय समसामयिकी से जुड़ा है, इसलिए नवीनतम जलवायु सम्मेलनों (COP शिखर सम्मेलन) और सरकारी पर्यावरणीय पहलों पर अपडेट रहना आवश्यक है।
प्रमुख जलवायु शिखर सम्मेलनों को कालक्रमानुसार भली-भाँति याद करें, महत्वपूर्ण पर्यावरणीय दिवसों की सूची को सटीक तारीखों के साथ याद रखें, और भारत की प्रमुख संरक्षण परियोजनाओं जैसे प्रोजेक्ट टाइगर, नमामि गंगे और हरित भारत मिशन को उनके लॉन्च वर्षों और उद्देश्यों के साथ जानें।
मुख्य अवधारणाएं
- जलवायु शिखर सम्मेलन की प्रगति: अंतर्राष्ट्रीय जलवायु कार्रवाई 1992 के पृथ्वी शिखर सम्मेलन (रियो) → क्योटो प्रोटोकॉल (1997) → पेरिस समझौता (2015) → चल रही COP बैठकों से विकसित हुई। प्रत्येक उत्सर्जन में कटौती और जलवायु वित्त के प्रति बाध्यकारी प्रतिबद्धता की ओर एक कदम का प्रतिनिधित्व करता है।
- पक्षकारों का सम्मेलन (COP): वार्षिक UN जलवायु शिखर सम्मेलन जहां देश उत्सर्जन लक्ष्यों पर बातचीत करते हैं। हाल के महत्वपूर्ण COPs में COP21 (पेरिस 2015), COP26 (ग्लासगो 2021), COP27 (शर्म अल-शेख 2022), COP28 (दुबई 2023) शामिल हैं।
- पर्यावरणीय दिवसों का उद्देश्य: अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पर्यावरणीय दिवस जागरूकता बढ़ाते हैं, संरक्षण मील के पत्थर का जश्न मनाते हैं, और कार्रवाई के लिए प्रेरित करते हैं। प्रश्न सटीक तारीखें और विषय पूछते हैं।
- भारत की जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC): 2008 में 8 मिशनों के साथ लॉन्च किया गया — सौर, संवर्धित ऊर्जा दक्षता, सुस्थिर पर्यावास, जल, हिमालय, हरित भारत, सुस्थिर कृषि, रणनीतिक ज्ञान।
- जैव विविधता संरक्षण: प्रोजेक्ट टाइगर, प्रोजेक्ट एलिफेंट और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र जैसी परियोजनाएं आवास संरक्षण और अवैध शिकार-रोधी उपायों के माध्यम से लुप्तप्राय प्रजातियों और महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा करने का लक्ष्य रखती हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरणीय संधियां: मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (ओजोन परत), बेसल कन्वेंशन (खतरनाक अपशिष्ट), रामसर कन्वेंशन (आर्द्रभूमि), CITES (लुप्तप्राय प्रजातियों का व्यापार) विशिष्ट पर्यावरणीय चिंताओं को नियंत्रित करते हैं।
- जलवायु वित्त और हरित निधि: विकसित देशों ने विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने में मदद करने के लिए सालाना 100 अरब डॉलर की प्रतिबद्धता दी है। हरित जलवायु कोष (ग्रीन क्लाइमेट फंड) इस वित्त का माध्यम है।
- शुद्ध-शून्य लक्ष्य: भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन का वचन दिया (COP26 ग्लासगो)। शुद्ध-शून्य का अर्थ है उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैसों को हटाने या ऑफसेट करने के साथ संतुलित करना।
मुख्य तथ्य
प्रमुख जलवायु शिखर सम्मेलन और समझौते:
- 1992 पृथ्वी शिखर सम्मेलन (रियो डी जनेरियो): प्रमुख संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सम्मेलन (पहला स्टॉकहोम 1972 था); इससे एजेंडा 21 और UNFCCC (जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन) सामने आए।
- 1997 क्योटो प्रोटोकॉल (जापान): विकसित देशों के लिए पहली कानूनी रूप से बाध्यकारी उत्सर्जन में कटौती के लक्ष्य; 2005 में लागू हुआ।
- 2015 पेरिस समझौता (COP21): वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से काफी नीचे, अधिमानतः पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5°C तक सीमित करें; सभी देश NDCs (राष्ट्रीय रूप से निर्धारित योगदान) प्रस्तुत करते हैं।
- 2021 COP26 (ग्लासगो): भारत ने 2070 तक शुद्ध-शून्य सहित पंचामृत रणनीति की घोषणा की; ग्लासगो जलवायु समझौते ने कोयले के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से कम करने पर जोर दिया।
- 2022 COP27 (शर्म अल-शेख, मिस्र): जलवायु-संवेदनशील देशों के लिए हानि और क्षति कोष की स्थापना की गई।
- 2023 COP28 (दुबई, UAE): पेरिस समझौते की प्रगति पर पहली वैश्विक समीक्षा (ग्लोबल स्टॉकटेक); जीवाश्म ईंधन से दूर संक्रमण।
महत्वपूर्ण पर्यावरणीय दिवस (तारीखें):
- विश्व आर्द्रभूमि दिवस: 2 फरवरी (रामसर कन्वेंशन की वर्षगांठ)।
- विश्व वन्यजीव दिवस: 3 मार्च (CITES अपनाने की वर्षगांठ)।
- विश्व जल दिवस: 22 मार्च (जल संसाधन संरक्षण)।
- पृथ्वी दिवस: 22 अप्रैल (पर्यावरणीय संरक्षण जागरूकता)।
- अंतर्राष्ट्रीय जैविक विविधता दिवस: 22 मई (CBD की वर्षगांठ)।
- विश्व पर्यावरण दिवस: 5 जून (UN पर्यावरण प्रमुख दिवस; 1972 स्टॉकहोम सम्मेलन)।
- विश्व जनसंख्या दिवस: 11 जुलाई (जनसंख्या के मुद्दे)।
- ओजोन परत के संरक्षण के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस: 16 सितंबर (मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल की वर्षगांठ)।
- विश्व आवास दिवस: अक्टूबर का पहला सोमवार (शहरी आवास के मुद्दे)।
- विश्व खाद्य दिवस: 16 अक्टूबर (FAO की स्थापना)।
भारत की संरक्षण परियोजनाएं:
- प्रोजेक्ट टाइगर: 1973 में लॉन्च किया गया; भारत भर में 58 टाइगर रिज़र्व (2025 तक); व्यवहार्य बाघ आबादी बनाए रखने का लक्ष्य।
- प्रोजेक्ट एलिफेंट: 1992 में लॉन्च किया गया; 16 राज्यों में हाथी गलियारों और आवासों की रक्षा करता है।
- नमामि गंगे कार्यक्रम: 2014 में लॉन्च किया गया; गंगा नदी को साफ और पुनर्जीवित करने के लिए ₹20,000 करोड़ का मिशन; सीवेज उपचार, वनीकरण।
- राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP): 2019 में लॉन्च किया गया; 132 शहरों में 2024 तक PM2.5 और PM10 में 20-30% की कमी का लक्ष्य।
- हरित भारत मिशन: NAPCC का हिस्सा; वन/वृक्ष आवरण को 5 मिलियन हेक्टेयर बढ़ाने और अन्य 5 मिलियन हेक्टेयर पर गुणवत्ता में सुधार करने का लक्ष्य।
मुख्य पर्यावरणीय संगठन:
- UNEP (संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम): मुख्यालय नैरोबी, केन्या; 1972 में स्थापित।
- IPCC (जलवायु परिवर्तन पर अंतर सरकारी पैनल): जलवायु परिवर्तन का आकलन करने वाला वैज्ञानिक निकाय; मूल्यांकन रिपोर्ट जारी करता है (2021-23 में AR6)।
हल किए गए उदाहरण
उदाहरण 1: किस जलवायु शिखर सम्मेलन के परिणामस्वरूप पेरिस समझौता हुआ, और इसका प्राथमिक तापमान लक्ष्य क्या था? समाधान: पेरिस समझौता दिसंबर 2015 में पेरिस, फ्रांस में आयोजित COP21 में अपनाया गया था। इसका प्राथमिक लक्ष्य वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2°C से काफी नीचे सीमित करना है, 1.5°C तक सीमित करने के प्रयासों के साथ। इस समझौते ने क्योटो प्रोटोकॉल के ऊपर-से-नीचे दृष्टिकोण की जगह सभी देशों के नीचे-से-ऊपर राष्ट्रीय रूप से निर्धारित योगदान (NDCs) अपनाए।
उदाहरण 2: विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया जाता है, और किस सम्मेलन ने इसकी उत्पत्ति को चिह्नित किया? समाधान: विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। इसे जून 1972 में आयोजित मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद UN महासभा द्वारा स्थापित किया गया था। यह दिन विश्व स्तर पर पर्यावरणीय संरक्षण के लिए जागरूकता और कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए UN का प्रमुख माध्यम है।
उदाहरण 3: भारत के नमामि गंगे कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है, और इसे कब लॉन्च किया गया था? समाधान: नमामि गंगे कार्यक्रम जून 2014 में गंगा नदी को साफ और पुनर्जीवित करने के लिए एक एकीकृत संरक्षण मिशन के रूप में लॉन्च किया गया था। उद्देश्यों में प्रदूषण भार में कमी, जलीय जैव विविधता का संरक्षण, नदी के किनारों पर वनीकरण, और सीवेज उपचार बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है। इसे राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा लगभग ₹20,000 करोड़ के बजट के साथ लागू किया जाता है।
सामान्य गलतियां
- COP संख्याओं को वर्षों के साथ भ्रमित करना: COP26 2021 में (ग्लासगो) आयोजित किया गया था, 2026 में नहीं। COP संख्या वर्ष के बराबर नहीं है; COP1 1995 में था, तो क्या COP28 = 1995 + 27 = 2022? नहीं—कुछ COPs छोड़े गए या जल्दी आयोजित किए गए। हमेशा COP संख्या को वर्ष के साथ अलग से याद रखें (COP21=2015, COP26=2021, COP27=2022, COP28=2023)।
- पर्यावरणीय दिवसों की तारीखों को मिलाना: छात्र अक्सर 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस) को 22 मई (जैव विविधता दिवस) या 22 मार्च (जल दिवस) के साथ भ्रमित करते हैं। एक मासिक मानसिक मानचित्र बनाएं: 2 फरवरी (आर्द्रभूमि), 3 मार्च (वन्यजीव) और 22 मार्च (जल), 22 अप्रैल (पृथ्वी), 22 मई (जैव विविधता), 5 जून (पर्यावरण), 16 सितंबर (ओजोन)।
- यह मानना कि सभी संरक्षण परियोजनाएं हाल ही में शुरू हुईं: प्रोजेक्ट टाइगर (1973) और प्रोजेक्ट एलिफेंट (1992) दशकों पुरानी हैं, नई पहल नहीं। NCAP (2019) या नमामि गंगे (2014) जैसी हाल की परियोजनाओं के साथ भ्रमित न करें। पुरानी परियोजनाएं दीर्घकालिक प्रतिबद्धता दिखाती हैं; नई परियोजनाएं उभरती चुनौतियों का समाधान करती हैं।
- शुद्ध-शून्य बनाम कार्बन-तटस्थ भ्रम: शुद्ध-शून्य का अर्थ है समग्र ग्रीनहाउस गैसें (CO₂, मीथेन, आदि) संतुलित; कार्बन-तटस्थ केवल CO₂ को संदर्भित करता है। भारत का 2070 लक्ष्य शुद्ध-शून्य उत्सर्जन है, केवल कार्बन-तटस्थ नहीं।
- भारत के NAPCC मिशनों को भूलना: प्रश्न पूछ सकते हैं कि NAPCC के तहत कितने मिशन हैं—उत्तर 8 है (5 या 10 नहीं)। कम से कम नामों को याद रखें: सौर, ऊर्जा दक्षता, आवास, जल, हिमालय, हरित भारत, कृषि, ज्ञान।
त्वरित संदर्भ
- पृथ्वी शिखर सम्मेलन 1992 (रियो) → एजेंडा 21, UNFCCC स्थापित।
- क्योटो प्रोटोकॉल 1997 → विकसित देशों के लिए पहली बाध्यकारी उत्सर्जन में कटौती।
- पेरिस समझौता 2015 (COP21) → 2°C/1.5°C लक्ष्य, NDCs, सभी देश भाग लेते हैं।
- भारत शुद्ध-शून्य लक्ष्य 2070 → COP26 ग्लासगो 2021 में घोषित।
- विश्व पर्यावरण दिवस: 5 जून | पृथ्वी दिवस: 22 अप्रैल | जल दिवस: 22 मार्च।
- प्रोजेक्ट टाइगर 1973, 58 टाइगर रिज़र्व | प्रोजेक्ट एलिफेंट 1992 | नमामि गंगे 2014, ₹20,000 करोड़।
- NAPCC 8 मिशन → सौर, हरित भारत, जल, टिकाऊ कृषि शामिल।
- UNEP मुख्यालय: नैरोबी | IPCC: जलवायु विज्ञान मूल्यांकन निकाय।