Bihar TET · Language I — Hindi / Urdu / Bengali
Two unseen prose passages with comprehension, grammar and vocabulary questions.
Study notes are still being prepared.
Don't wait — Shishya can teach you this topic right now, on demand.
Ask Shishya to teach this →Shishya is your personal tutor for this topic. Pick a starter or open a free chat.
Q1 · Apathit Gadyansh · EASY
Read the passage and answer the question. Passage: भारत में शिक्षा का अधिकार एक मौलिक अधिकार है। प्रत्येक बच्चे को 6 से 14 वर्ष की आयु में निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। यह अधिकार 2009 के शिक्षा का अधिकार अधिनियम द्वारा सुनिश्चित किया गया है। इस कानून के अनुसार, सरकार को प्रत्येक बच्चे के लिए विद्यालय में प्रवेश और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की व्यवस्था करनी होगी। Question: उपर्युक्त गद्यांश के अनुसार, शिक्षा का अधिकार किस आयु वर्ग के बच्चों के लिए है?
Q2 · Apathit Gadyansh · MEDIUM
Read the passage and answer the question. Passage: बिहार की संस्कृति अत्यंत समृद्ध और विविधतापूर्ण है। यहाँ अनेक त्योहार मनाए जाते हैं जिनमें छठ पूजा सबसे महत्वपूर्ण है। यह त्योहार सूर्य देवता की आराधना के लिए मनाया जाता है। महिलाएँ कठिन व्रत रखती हैं और नदी किनारे अर्घ्य देती हैं। इस पर्व में पूरा परिवार एकत्रित होता है और पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। यह पर्व बिहार की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। Question: गद्यांश में प्रयुक्त शब्द 'अर्घ्य' का अर्थ क्या है?
Q3 · Apathit Gadyansh · MEDIUM
Read the passage and answer the question. Passage: वैज्ञानिक प्रगति ने मानव जीवन को अनेक प्रकार से सुविधाजनक बना दिया है। आज हम एक स्थान से दूसरे स्थान तक शीघ्रता से पहुँच सकते हैं। संचार के साधनों ने दूरियों को मिटा दिया है। परंतु इस प्रगति के साथ कुछ समस्याएँ भी उत्पन्न हुई हैं। प्रदूषण, वनों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन चिंता के विषय हैं। हमें विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना होगा। Question: गद्यांश का मुख्य भाव क्या है?
Q4 · Apathit Gadyansh · HARD
Read the passage and answer the question. Passage: साहित्य समाज का दर्पण होता है। प्रत्येक युग के साहित्य में उस समय की सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों की झलक मिलती है। रचनाकार अपनी कृतियों के माध्यम से समाज में व्याप्त विसंगतियों को उजागर करता है तथा सामाजिक चेतना जाग्रत करने का प्रयास करता है। हिंदी साहित्य के भक्तिकाल में कबीर ने धार्मिक पाखंड और जाति-व्यवस्था का विरोध किया। प्रेमचंद ने अपने उपन्यासों में ग्रामीण जीवन की वास्तविकता और शोषण को चित्रित किया। इस प्रकार साहित्य केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी है। Question: निम्नलिखित में से कौन सा कथन गद्यांश के अनुसार सही नहीं है?
Q5 · Apathit Gadyansh · MEDIUM
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्न का उत्तर दें: "शिक्षा मनुष्य का निर्माण करती है। एक सुशिक्षित व्यक्ति समाज के लिए उपयोगी सिद्ध होता है। शिक्षा से मनुष्य में आत्मविश्वास, नैतिकता एवं सामाजिक दायित्व का विकास होता है।" उपर्युक्त गद्यांश का मुख्य भाव क्या है?